आजकल अपनी औकात से ज्यादा भाव खाने लगी हो | लव शायरी इन हिंदी
आजकल अपनी औकात से ज्यादा भाव खाने लगी हो मुझे निठल्ला बेरोजगार बताने लगी हो तुम्हारा ज्ञान वक्त के …
आजकल अपनी औकात से ज्यादा भाव खाने लगी हो मुझे निठल्ला बेरोजगार बताने लगी हो तुम्हारा ज्ञान वक्त के …